Neck Pain: गर्दन दर्द कम करने के लिए अपनाएँ ये घरेलू उपाय

Neck Pain यानी गर्दन का दर्द आज के समय में सबसे आम समस्याओं में से एक बन चुका है. यह दर्द आपकी गर्दन, सिर के नीचे के हिस्से या रीढ़ की हड्डी के आसपास महसूस होता है, जिसे मेडिकल भाषा में सर्वाइकल स्पाइन पेन कहा जाता है. कई बार यह दर्द हल्का होता है, लेकिन कुछ मामलों में इतना बढ़ जाता है कि रोजमर्रा की गतिविधियों पर भी असर डालता है. गर्दन का दर्द गलत तरीके से सोने, अचानक झटका लगने, खेलते समय चोट लगने, या गिरने से भी हो सकता है. वहीं, कभी-कभी यह किसी गंभीर चोट या बीमारी का संकेत भी बन सकता है. इसलिए इसे नजरअंदाज करना बिल्कुल सही नहीं है. अगर गर्दन का दर्द एक सप्ताह से अधिक समय तक बना रहे, तो बिना देर किए डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।

गर्दन का दर्द कैसा महसूस होता है?

गर्दन के दर्द के कई लक्षण होते हैं, जिनमें सबसे आम हैं- लगातार दर्द या अकड़न, हल्का दबाव डालने पर भी ज्यादा संवेदनशीलता, सिरदर्द के साथ गर्दन में दर्द, एक या दोनों हाथों में सुन्नपन या झुनझुनी, गर्दन की मांसपेशियों में खिंचाव या कसाव, गर्दन घुमाने में दिक्कत या दर्द बढ़ना. ये लक्षण इस बात का संकेत होते हैं कि आपकी गर्दन पर तनाव बढ़ गया है और उसे आराम व देखभाल की जरूरत है।

डॉक्टर गर्दन का दर्द कैसे पहचानते हैं?

गर्दन के दर्द का निदान मुख्य रूप से डॉक्टर द्वारा किए गए शारीरिक परीक्षण और आपके मेडिकल इतिहास के आधार पर किया जाता है. इस दौरान किए जाने वाले चेकअप में शामिल हैं- डॉक्टर हाथ से गर्दन को दबाकर दर्द वाली जगह की पहचान करते हैं. गर्दन की मूवमेंट क्षमता का परीक्षण किया जाता है. मांसपेशियों की ताकत (Strength) और शरीर की प्रतिक्रिया (Reflexes) को जांचा जाता है. पिछली चोट, गिरने या एक्सीडेंट के बारे में पूछा जाता है. साथ ही, डॉक्टर आपकी रोजमर्रा की गतिविधियों के बारे में भी जानना चाहते हैं, ताकि यह समझ सकें कि कहीं वही आपकी गर्दन की समस्या की वजह तो नहीं हैं. गंभीर मामलों में एक्स-रे, MRI या CT स्कैन की जरूरत भी पड़ सकती है।

गर्दन के दर्द को कम करने के लिए घरेलू उपाय

अगर गर्दन का दर्द बहुत अधिक गंभीर नहीं है, तो कुछ घरेलू तरीके अपनाकर आप इससे आसानी से राहत पा सकते हैं।

हीट या आइस पैक लगाएं

ठंडी सिकाई सूजन कम करती है. गर्म सिकाई मांसपेशियों को आराम देती है. दिन में 2-3 बार 10-15 मिनट तक लगाएं।

हल्के स्ट्रेच और व्यायाम करें

गर्दन को दाएं-बाएं धीरे-धीरे घुमाएं, हल्का स्ट्रेच करें. ध्यान रखें-जोर न लगाएं, केवल आरामदायक मूवमेंट करें।

ओवर-द-काउंटर दर्द निवारक दवाएं

एस्पिरिन, इबुप्रोफेन या पेरासिटामोल दर्द और सूजन कम करने में मदद करते हैं. लेकिन लगातार दर्द में डॉक्टर की सलाह जरूरी है।

पर्याप्त आराम करें

गर्दन पर तनाव डालने वाली गतिविधियों जैसे मोबाइल को झुककर देखना, लंबे समय तक कंप्यूटर पर बैठना, भारी सामान उठाना आदि से बचें।

थोड़ी देर शारीरिक गतिविधि रोक दें

अगर अधिक मूवमेंट से दर्द बढ़ता है, तो कुछ समय के लिए गर्दन को आराम देना जरूरी है।

निष्कर्ष

गर्दन का दर्द छोटी समस्या लग सकता है, लेकिन इसे नजरअंदाज करना सही नहीं है. सही समय पर आराम, घरेलू उपाय और आवश्यक जांच करवाने से यह समस्या जल्दी ठीक हो सकती है. यदि दर्द लगातार बना रहे, हाथों में सुन्नता हो या सिरदर्द बढ़ जाए-तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

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