Shambhavi Choudhary Net Worth: बिहार की राजनीति में इन दिनों सबसे ज्यादा चर्चा जिस युवा चेहरे की हो रही है, वह हैं समस्तीपुर लोकसभा (सुरक्षित) सीट से सांसद शाम्भवी चौधरी। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) से जीत दर्ज करने वाली शाम्भवी चौधरी देश की सबसे कम उम्र की सांसद हैं। हाल ही में ऑपरेशन सिंदूर के बाद मोदी सरकार ने विदेशों में भेजे गए सर्वदलीय डेलिगेशन में भी उन्हें शामिल किया है। इस प्रतिनिधिमंडल में अमेरिका, पनामा, गुयाना, ब्राजील और कोलंबिया जैसे देश शामिल हैं, जबकि इसकी अगुवाई शशि थरूर कर रहे हैं। इस दौरे का मकसद अंतरराष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान के इरादों को उजागर करना है। आइये जानते है इसके बारे में…
शाम्भवी चौधरी की जीवनी
शाम्भवी चौधरी का जन्म 15 जून 1998 को हुआ था। वर्तमान में उनकी उम्र 26 साल है। वे बिहार के समस्तीपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद हैं और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) से जुड़ी हुई हैं। शिक्षा के मामले में भी वे काफी मजबूत हैं। उन्होंने समाजशास्त्र में स्नातकोत्तर तक पढ़ाई की है और दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से एमए की डिग्री हासिल की है। वे विवाहित हैं और उनके पति का नाम सायन कुणाल है।
शाम्भवी का जन्म और परिवार
शाम्भवी चौधरी एक राजनीतिक परिवार से आती हैं। उनके पिता अशोक चौधरी जनता दल (यूनाइटेड) के वरिष्ठ नेता हैं और वर्तमान में पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव हैं। वे पहले नीतीश सरकार में भवन निर्माण मंत्री भी रह चुके हैं। उनकी माता का नाम नीता चौधरी है। राजनीति उनके परिवार की विरासत रही है, क्योंकि उनके दादा महावीर चौधरी भी एक समय में बिहार के जाने-माने नेता थे। 28 नवंबर 2022 को शाम्भवी चौधरी की शादी सायन कुणाल से हुई थी। सायन कुणाल, प्रसिद्ध आईपीएस अधिकारी और सामाजिक कार्यकर्ता आचार्य किशोर कुणाल के पुत्र हैं।
शाम्भवी की शिक्षा
शाम्भवी चौधरी ने 2019 में लेडी श्री राम कॉलेज फॉर वूमेन से समाजशास्त्र में स्नातक (BA) की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने 2022 में दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से समाजशास्त्र में ही स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की। उनकी पढ़ाई ने उनके सामाजिक और राजनीतिक नजरिए को और मजबूत बनाया।
शाम्भवी का राजनीतिक करियर
हालांकि उनके पिता जनता दल (यूनाइटेड) से जुड़े हैं, लेकिन शाम्भवी चौधरी ने लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के साथ अपनी राजनीतिक पारी शुरू की। चिराग पासवान ने उन्हें 2024 के लोकसभा चुनाव में समस्तीपुर (सुरक्षित) सीट से उम्मीदवार बनाया। दलित समुदाय से आने के कारण वे इस सीट से चुनाव लड़ने के लिए योग्य थीं। अपने पहले ही चुनाव में उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार सनी हजारी को 1,87,251 वोटों के बड़े अंतर से हराया। उन्हें कुल 5,79,786 वोट मिले और वे 18वीं लोकसभा की सदस्य बनीं।
देश की सबसे युवा सांसद
जिस दिन शाम्भवी चौधरी ने लोकसभा चुनाव जीता, उस दिन उनकी उम्र केवल 25 साल 11 महीने 20 दिन थी। वे न सिर्फ देश की सबसे कम उम्र की सांसद हैं, बल्कि सबसे युवा दलित महिला सांसद भी हैं। चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी मंच से लोगों से उन्हें जिताने की अपील की थी।
शाम्भवी की कुल संपत्ति
2024 के लोकसभा चुनाव में दाखिल हलफनामे के अनुसार, शाम्भवी चौधरी की कुल संपत्ति 4.54 करोड़ रुपये है, जबकि उन पर 1.72 करोड़ रुपये का कर्ज भी दर्ज है।
निष्कर्ष
कम उम्र, मजबूत शिक्षा, साफ छवि और राजनीतिक समझ के साथ शाम्भवी चौधरी ने संसद तक का सफर तय किया है। आज वे लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं और आने वाले समय में भारतीय राजनीति में उनसे और बड़ी भूमिका की उम्मीद की जा रही है।
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