Baby Sleep Patterns: माता-पिता बनना जितना खूबसूरत अनुभव होता है, उतना ही चुनौतीपूर्ण भी। एक बच्चे की परवरिश में छोटी-छोटी बातों का खास ध्यान रखना पड़ता है, क्योंकि कई बार अनजाने में हुई छोटी गलती भी बच्चे के लिए लंबे समय तक असर छोड़ सकती है। इन्हीं जिम्मेदारियों में से एक बेहद अहम जिम्मेदारी है बच्चे की नींद। अक्सर माता-पिता इस बात को लेकर उलझन में रहते हैं कि उनका बच्चा सही समय तक सो रहा है या नहीं। विशेषज्ञ मानते हैं कि बच्चे की उम्र के अनुसार उसका Sleep Pattern सही होना बेहद जरूरी है, क्योंकि नींद का सीधा असर उसके शारीरिक और मानसिक विकास पर पड़ता है।
अच्छी नींद से बच्चे का विकास क्यों है जरूरी?
बच्चे दिनभर बहुत एक्टिव रहते हैं। खेलना, कूदना, नई चीजें सीखना-इन सब में उनकी काफी ऊर्जा खर्च होती है। कई बार वे यह समझ ही नहीं पाते कि अपनी ऊर्जा को कब और कैसे संतुलित करना है। इसी वजह से दोपहर में ज्यादा सोना या समय पर न सोना उनकी रात की नींद को खराब कर सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, बच्चे के लिए रोजाना 6-7 घंटे की गहरी और अच्छी नींद बेहद जरूरी मानी जाती है, क्योंकि शरीर की अधिकतर ग्रोथ नींद के दौरान ही होती है। अच्छी नींद से न सिर्फ बच्चा शारीरिक रूप से मजबूत बनता है, बल्कि उसकी सीखने और समझने की क्षमता भी बेहतर होती है।
0-3 महीने
0-3 महीने के बच्चे अपना ज्यादातर समय सोने में बिताते हैं। Very Well Family के अनुसार, इस उम्र में बच्चों का स्लीप साइकल छोटा होता है, लेकिन ऐसे कई छोटे-छोटे चक्र होते हैं। इसलिए माता-पिता अक्सर देखते हैं कि बच्चा बार-बार सो रहा है और जाग रहा है। इस स्टेज में नवजात बाकी विकास चरणों की तुलना में सबसे ज्यादा समय नींद में रहते हैं, जो उनके शारीरिक विकास के लिए जरूरी होता है।
4-12 महीने
4-12 महीने की उम्र में बच्चे की नींद का पैटर्न थोड़ा स्थिर होने लगता है। अमेरिकन एकेडमी ऑफ स्लीप मेडिसिन (AASM) के मुताबिक, इस उम्र के बच्चों को दिनभर में करीब 12 से 16 घंटे की नींद की जरूरत होती है। इस दौरान बच्चों में उनींदापन के संकेत साफ नजर आते हैं, जैसे आंखें रगड़ना, बार-बार जम्हाई लेना या चिड़चिड़ा होना।
1-2 वर्ष
1-2 साल की उम्र में बच्चे काफी एक्टिव हो जाते हैं। AASM के अनुसार, इस उम्र के बच्चों को हर 24 घंटे में करीब 11 से 14 घंटे की नींद चाहिए। इस दौरान वे दिन में 1 या 2 लंबी झपकी ले सकते हैं। अगर बच्चे को पर्याप्त नींद न मिले, तो वह ज्यादा चिड़चिड़ा हो सकता है और माता-पिता का ज्यादा ध्यान मांग सकता है।
3-5 साल
3-5 साल की उम्र में बच्चों की नींद का समय धीरे-धीरे कम होने लगता है। AASM के मुताबिक, इस स्टेज पर बच्चों को 10 से 13 घंटे की नींद की जरूरत होती है। ज्यादातर बच्चों की दोपहर की नींद 5 साल की उम्र तक छूटने लगती है, जिसकी वजह से कुल नींद के घंटों में कमी देखी जाती है।
6-12 वर्ष
6-12 साल के बच्चों, यानी स्कूल जाने वाले बच्चों को हर रात करीब 9 से 12 घंटे की नींद लेनी चाहिए। AASM के अनुसार, अगर इस उम्र में बच्चों को पूरी नींद नहीं मिलती, तो इसका असर उनके व्यवहार पर साफ दिखता है। वे चिड़चिड़े हो सकते हैं, पढ़ाई में मन नहीं लगता और थकान जल्दी महसूस होती है।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर, Baby Sleep Patterns को समझना हर माता-पिता के लिए बेहद जरूरी है। उम्र के हिसाब से सही नींद न सिर्फ बच्चे को हेल्दी रखती है, बल्कि उसके मानसिक विकास में भी अहम भूमिका निभाती है। इसलिए यह सुनिश्चित करें कि आपका बच्चा अपनी उम्र के अनुसार पूरी और सही नींद ले रहा है, ताकि उसका भविष्य स्वस्थ और खुशहाल बन सके।
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