Baby Massage Oil: घर में जैसे ही नन्हे बच्चे की किलकारियां गूंजती हैं, वैसे ही सबसे ज्यादा जिम्मेदारी नानी-दादी और घर की बुजुर्ग महिलाओं पर आ जाती है। बच्चे की सेहत, उसकी नींद, हड्डियों की मजबूती और सही विकास को लेकर वे हर छोटी-बड़ी बात का खास ख्याल रखती हैं। पुराने समय से शिशु की तेल मालिश को बेहद जरूरी माना गया है। माना जाता है कि सही तरीके और सही तेल से की गई मालिश बच्चे को अच्छी नींद दिलाती है और उसके शारीरिक विकास में अहम भूमिका निभाती है।
बच्चों को तेल मालिश क्यों है जरूरी?
आजकल बाजार में शिशु की मालिश के लिए कई तरह के तेल उपलब्ध हैं, लेकिन इनमें से कई तेलों में केमिकल्स और टॉक्सिन्स मिले होते हैं। ये तत्व बच्चे की नाजुक त्वचा को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसलिए शिशु की मालिश के लिए सही तेल का चुनाव बेहद जरूरी है। सही तेल न सिर्फ त्वचा को पोषण देता है, बल्कि हड्डियों, मांसपेशियों और संपूर्ण विकास में भी मदद करता है।
बादाम का तेल
बादाम का तेल शिशु की मालिश के लिए सबसे बेहतरीन माना जाता है। रोजाना इससे मालिश करने पर बच्चे की त्वचा की रंगत में सुधार देखा जा सकता है। जिन शिशुओं के सिर पर बाल कम होते हैं, उनके लिए बादाम का तेल बेहद फायदेमंद होता है। इससे बाल जल्दी उगते हैं और काले व घने बनते हैं। बादाम के तेल में भरपूर मात्रा में विटामिन-ई पाया जाता है, जो त्वचा और हड्डियों के लिए लाभकारी होता है। कमजोर हड्डियों वाले शिशुओं को इससे मालिश कराने पर विशेष फायदा मिलता है।
जैतून का तेल
जैतून का तेल भी शिशु के स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है। इससे मालिश करने पर बच्चे की हड्डियां मजबूत होती हैं। जैतून के तेल में एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर मात्रा में होते हैं, जो शिशु के शरीर को एक्टिव और एनर्जेटिक बनाए रखने में मदद करते हैं। नियमित मालिश से बच्चे का शारीरिक विकास बेहतर तरीके से होता है।
सरसों का तेल
भारत के ज्यादातर घरों में बच्चों की मालिश सरसों के तेल से की जाती रही है। यह तेल मांसपेशियों और हड्डियों को मजबूती देता है। सरसों के तेल से मालिश करने पर बच्चे के शरीर में गर्माहट बनी रहती है, जिससे खासकर सर्दियों में सर्दी-जुकाम से बचाव होता है। सिर पर सरसों का तेल लगाने से बाल काले और जल्दी आने में मदद मिलती है।
तिल का तेल
तिल का तेल शिशु की त्वचा के लिए बेहद लाभकारी माना जाता है। यह स्किन को गहराई से पोषण देता है और ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाता है। तिल के तेल में विटामिन ई, विटामिन बी और एंटीऑक्सीडेंट्स मौजूद होते हैं, जो त्वचा की रंगत निखारने में मदद करते हैं। नियमित मालिश से इंफेक्शन का खतरा भी कम होता है।
नारियल का तेल
नारियल का तेल शिशु की मालिश के लिए बेहद सुरक्षित और फायदेमंद माना जाता है। इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो शरीर के दर्द और अकड़न को कम करने में मदद करते हैं। नारियल का तेल त्वचा को नमी और पोषण देता है। इसके नियमित इस्तेमाल से हड्डियां मजबूत होती हैं और बालों पर लगाने से बाल काले व घने बनते हैं।
अगर आप भी अपने शिशु के लिए सही मालिश तेल चुनने में उलझन में हैं, तो इन प्राकृतिक तेलों में से किसी एक का चयन कर सकते हैं। सही तेल और सही मालिश आपके बच्चे के स्वस्थ और खुशहाल विकास की कुंजी बन सकती है।
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