Ayurvedic Remedies for Uric Acid: आज की भागदौड़ भरी ज़िंदगी और गलत खानपान की वजह से यूरिक एसिड बढ़ने की समस्या तेजी से आम होती जा रही है। जब खून में यूरिक एसिड का स्तर सामान्य से ज्यादा हो जाता है, तो इस स्थिति को हाइपरयूरिसीमिया कहा जाता है। यह समस्या सिर्फ एक लैब रिपोर्ट तक सीमित नहीं रहती, बल्कि धीरे-धीरे कई गंभीर परेशानियों की वजह बन सकती है। यूरिक एसिड बढ़ने पर जोड़ों में तेज दर्द, सूजन, चलने-फिरने में दिक्कत, किडनी स्टोन और पेशाब करते समय जलन या दर्द जैसी समस्याएं होने लगती हैं।
अक्सर लोग इस समस्या में तुरंत दवाओं का सहारा लेते हैं, लेकिन आयुर्वेद में यूरिक एसिड को कंट्रोल करने के लिए कई प्राकृतिक और सुरक्षित उपाय बताए गए हैं। खास बात यह है कि कुछ हरी पत्तियां ऐसी हैं, जिनका नियमित सेवन करने से यूरिक एसिड का स्तर काबू में रखा जा सकता है। ये पत्तियां न सिर्फ शरीर को डिटॉक्स करती हैं, बल्कि अंदर से समस्या की जड़ पर काम करती हैं। आइए जानते हैं आयुर्वेद के अनुसार कौन-सी 4 हरी पत्तियां यूरिक एसिड के लिए रामबाण मानी जाती हैं।
तुलसी के पत्ते खाएं
तुलसी को आयुर्वेद में औषधीय गुणों का खजाना माना गया है। तुलसी के पत्तों में एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं, जो शरीर में सूजन को कम करने में मदद करते हैं। ये गुण खून में बढ़े हुए यूरिक एसिड के स्तर को कम करने में सहायक हो सकते हैं। अगर कोई व्यक्ति रोजाना खाली पेट 4-5 ताजे तुलसी के पत्ते चबाकर खाता है, तो यूरिक एसिड कंट्रोल में रह सकता है। इसके अलावा तुलसी शरीर की इम्युनिटी को भी मजबूत बनाती है।
नीम के पत्ते खाएं
अगर यूरिक एसिड को प्राकृतिक तरीके से कम करना है, तो नीम की पत्तियां बेहद असरदार मानी जाती हैं। नीम में कई औषधीय तत्व पाए जाते हैं, जो रक्त को शुद्ध करने में मदद करते हैं। आयुर्वेद के अनुसार, नीम की पत्तियों में यूरिक एसिड को कम करने की क्षमता होती है। इसका नियमित सेवन शरीर में जमा विषैले तत्वों को बाहर निकालता है और यूरिक एसिड के स्तर को संतुलित बनाए रखता है। आप नीम की पत्तियों को उबालकर उसका पानी पी सकते हैं या सीमित मात्रा में पत्तियों का सेवन कर सकते हैं।
मेथी की पत्तियां
मेथी की पत्तियां न सिर्फ स्वाद में अच्छी होती हैं, बल्कि सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद मानी जाती हैं। इनमें फाइबर भरपूर मात्रा में पाया जाता है, जो पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने में मदद करता है। जब पाचन सही रहता है, तो शरीर में यूरिक एसिड जमा होने की संभावना कम हो जाती है। रोजाना मेथी की पत्तियों का सेवन करने से यूरिक एसिड लेवल कंट्रोल में रह सकता है और जोड़ों के दर्द में भी राहत मिल सकती है। आप इन्हें सब्जी, पराठे या सूप के रूप में अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं।
अजमोद के पत्ते खाएं
अजमोद की पत्तियां भी यूरिक एसिड की समस्या में काफी लाभकारी मानी जाती हैं। इनमें एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं और ये मूत्रवर्धक (डाययूरेटिक) होती हैं। इसका मतलब यह है कि अजमोद की पत्तियां पेशाब के जरिए शरीर से अतिरिक्त यूरिक एसिड को बाहर निकालने में मदद करती हैं। अगर किसी को यूरिक एसिड की समस्या है, तो उसे रोजाना अजमोद की पत्तियों का सेवन करना चाहिए। इससे यूरिक एसिड कंट्रोल में रहता है और किडनी पर भी कम दबाव पड़ता है।
इन्हें भी पढ़ें: Prevent Hair Fall: झड़ते बालों के लिए बेस्ट डाइट प्लान

