Ayurvedic Tips To Sleep Better: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में अच्छी नींद लेना किसी चुनौती से कम नहीं रह गया है। काम का दबाव, बढ़ता तनाव, मोबाइल और स्क्रीन का ज्यादा इस्तेमाल, बैठी-बैठी रहने वाली लाइफस्टाइल और खराब खानपान-ये सभी हमारी नींद के सबसे बड़े दुश्मन बन चुके हैं। कई लोग रात को देर तक जागते रहते हैं, नींद आती भी है तो बार-बार टूट जाती है, और सुबह उठने पर थकान महसूस होती है।
आयुर्वेद में नींद को केवल आराम नहीं, बल्कि जीवन की एक मूल प्रवृत्ति माना गया है। आयुर्वेद के अनुसार, निद्रा शरीर के सभी शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक कार्यों को प्रभावित करती है। यही वजह है कि आयुर्वेद में अच्छी नींद को अच्छे स्वास्थ्य की तीन नींवों में से एक कहा गया है। बाकी दो हैं-संतुलित आहार और संयमित जीवनशैली। जब इन तीनों में से एक भी बिगड़ता है, तो उसका असर सीधे सेहत पर पड़ता है।
आयुर्वेद के अनुसार क्यों बिगड़ती है नींद?
आयुर्वेद मानता है कि बढ़ता मानसिक तनाव, गलत दिनचर्या और असंतुलित आहार शरीर की प्राकृतिक बॉडी क्लॉक यानी सर्कैडियन रिदम को बिगाड़ देता है। इसका सीधा असर नींद के पैटर्न पर पड़ता है। अच्छी बात यह है कि आयुर्वेद में ऐसे कई नियम और उपाय बताए गए हैं, जिन्हें अपनाकर नींद की समस्या को काफी हद तक सुधारा जा सकता है।
आयुर्वेद में बताए गए नियमों से सुधारें नींद का पैटर्न
अगर आप भी अपनी बॉडी क्लॉक को रीसेट करना चाहते हैं और गहरी, सुकून भरी नींद पाना चाहते हैं, तो इन आयुर्वेदिक नियमों को अपनाना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है।
1. नींद को बनाएं अपनी प्राथमिकता
आयुर्वेद के अनुसार, शरीर को सही तरीके से काम करने के लिए रात 10 से 11 बजे के बीच सो जाना सबसे बेहतर माना जाता है। जैसे आप रोज सुबह ब्रश करना नहीं भूलते, वैसे ही नींद को भी अपनी दिनचर्या में प्राथमिकता दें। देर रात तक जागने की आदत धीरे-धीरे शरीर को कमजोर कर सकती है।
2. तिल के तेल से मालिश करें
अच्छी नींद के लिए तिल के तेल से मालिश बेहद असरदार मानी जाती है। कमरे के तापमान वाले तिल के तेल से हल्की मालिश करें। इस प्रक्रिया को आयुर्वेद में “पदाभ्यंगम” कहा जाता है। यह शरीर को जमीन से जोड़ने का काम करती है और मन को शांत करती है, जिससे नींद जल्दी आती है।
3. नींद आने की इच्छा को न रोकें
कई लोग काम या मोबाइल की वजह से नींद को टालते रहते हैं। आयुर्वेद के अनुसार ऐसा करना नुकसानदायक हो सकता है। नींद को रोकने से सिरदर्द, सुस्ती और पाचन से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। जब भी नींद आए, उसे नजरअंदाज न करें।
4. अच्छी नींद है शारीरिक और मानसिक ताकत की कुंजी
पर्याप्त नींद लेना न सिर्फ शरीर की ताकत बढ़ाता है, बल्कि मन को भी खुश और शांत रखता है। अगर आप चिंता, चिड़चिड़ापन या तनाव महसूस करते हैं, तो सबसे पहले अपनी नींद पर ध्यान दें। वयस्कों के लिए रोजाना करीब 8 घंटे की नींद जरूरी मानी जाती है।
5. सोते समय आरामदायक कपड़े और माहौल चुनें
सोते समय ढीले और आरामदायक कपड़े पहनें ताकि शरीर को पूरा आराम मिल सके। कमरे का माहौल शांत, साफ और आरामदायक रखें। रोशनी कम रखें, क्योंकि ज्यादा लाइट सर्कैडियन रिदम को बिगाड़ सकती है और नींद खराब कर सकती है।
6. पूरे दिन सोकर नींद पूरी करने की गलती न करें
यह एक आम गलतफहमी है कि दिन में ज्यादा सोकर रात की नींद की भरपाई की जा सकती है। आयुर्वेद के अनुसार ऐसा करना शरीर की ऊर्जा, पाचन और हार्मोनल संतुलन पर नकारात्मक असर डाल सकता है।
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