Dengue Alert: भारत में हर साल डेंगू के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। कई मामलों में यह बीमारी इतनी गंभीर हो जाती है कि मरीज की जान तक चली जाती है। डेंगू बुखार को आम भाषा में “हड्डी तोड़ बुखार” भी कहा जाता है, क्योंकि इसमें शरीर और जोड़ों में असहनीय दर्द होता है। यह एक मच्छर से फैलने वाली बीमारी है, जो कभी-कभी बेहद घातक साबित हो सकती है।
डेंगू के लक्षण कई बार तुरंत सामने नहीं आते, बल्कि कुछ समय बाद धीरे-धीरे गंभीर रूप ले लेते हैं। हालांकि अगर इसकी पहचान समय पर हो जाए, तो इसका इलाज और बचाव दोनों संभव है। ऐसे में सबसे जरूरी सवाल यही है कि डेंगू से बचने के उपाय क्या हैं और डेंगू होने पर किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? आइए जानते हैं एक्सपर्ट्स की सलाह के अनुसार डेंगू से बचाव के जरूरी उपाय।
डेंगू से बचने के उपाय
- डेंगू फैलाने वाला मच्छर आमतौर पर दिन के उजाले में काटता है, इसलिए दिन के समय भी मच्छरों से बचाव बेहद जरूरी है।
- बारिश और उमस के मौसम में फुल स्लीव कपड़े पहनें, ताकि हाथ-पैर पूरी तरह ढके रहें। पैरों में जूते पहनें और शरीर का कोई हिस्सा खुला न छोड़ें।
- घर के अंदर और आसपास पानी जमा न होने दें। कूलर, गमले, टायर, बाल्टी या किसी भी खुले बर्तन में जमा पानी को तुरंत साफ करें।
- अगर कूलर में पानी रखा हुआ है, तो उसमें किरासन तेल डालें, ताकि मच्छर उसमें पनप न सकें।
- रात में और दिन में आराम करते समय मच्छरदानी का इस्तेमाल जरूर करें।
- पानी की टंकियों को हमेशा अच्छी तरह ढंककर रखें, ताकि मच्छर अंडे न दे सकें।
- अगर आपमें डेंगू के लक्षण नजर आ रहे हैं, तब भी मच्छरों से बचाव जरूरी है, ताकि वायरस दूसरों तक न फैल सके।
- हल्के लक्षण दिखाई देते ही नजदीकी डॉक्टर से सलाह लें और खून में प्लेटलेट्स की जांच जरूर कराएं।
- मरीज को लगातार पानी और तरल पदार्थ पिलाते रहें, ताकि शरीर में पानी की कमी न हो। जरूरत पड़ने पर नसों के जरिए भी तरल दिया जाता है।
- डेंगू में पपीते के पत्तों का जूस, खट्टे फल, नारियल पानी और हल्दी का सेवन फायदेमंद माना जाता है।
डेंगू होने पर क्या करें और क्या न करें
डेंगू होने पर मरीज को ज्यादा से ज्यादा पानी और तरल पदार्थ लेना चाहिए। इससे शरीर हाइड्रेटेड रहता है और कमजोरी कम होती है। खाने में हल्का और सादा भोजन ही करें, ताकि पाचन तंत्र पर ज्यादा दबाव न पड़े। डॉक्टर की सलाह के बिना किसी भी तरह की दवा बिल्कुल न लें, क्योंकि कुछ दवाएं प्लेटलेट्स को और कम कर सकती हैं।
अगर मरीज को तेज बुखार, बार-बार उल्टी, नाक या मुंह से खून आना, या काले रंग का मल दिखाई दे, तो इसे बिल्कुल नजरअंदाज न करें और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। जिन लोगों को पहले भी डेंगू हो चुका है, उन्हें और ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत होती है, क्योंकि दोबारा डेंगू होना ज्यादा खतरनाक हो सकता है।
Disclaimer: डेंगू में कुछ चीजों से परहेज भी जरूरी है। बिना डॉक्टर की सलाह के पपीते का पत्ता या बकरी का दूध नहीं लेना चाहिए, क्योंकि हर शरीर पर इसका असर अलग हो सकता है।
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