Ear Infection In Winter: सर्दियों के मौसम में जहां ठंडी हवाएं आराम देती हैं, वहीं कई स्वास्थ्य समस्याएं भी बढ़ने लगती हैं. इन्हीं में से एक है कान में दर्द और Ear Infection, जो इस सीजन में काफी आम हो जाता है. यह संक्रमण किसी एक उम्र तक सीमित नहीं है-बच्चे, बड़े, बुजुर्ग कोई भी इससे परेशान हो सकता है. कई बार संक्रमण कान के बीच वाले हिस्से या अंदरूनी भाग में हो जाता है, जो बैक्टीरिया या वायरस के कारण सूजन तक पैदा कर सकता है. सर्दियों में इस तरह के कान के संक्रमण से बचने के लिए आपको कुछ खास सावधानियां जरूर बरतनी चाहिए।
सर्दियों में वायरस और बैक्टीरिया क्यों बढ़ाते हैं Ear Infection का खतरा?
ठंड के मौसम में बैक्टीरिया और वायरस तेजी से पनपते हैं, जिस वजह से फ्लू, वायरल और श्वसन संबंधी संक्रमण आम हो जाते हैं. यही संक्रमण कई बार कानों तक पहुंच जाता है और वहां सूजन पैदा कर देता है. जब गला खराब होता है या सर्दी-जुकाम बढ़ता है, तो इसका असर कानों पर भी पड़ता है. नाक और गले के संक्रमण अक्सर कान के संक्रमण से जुड़े होते हैं, इसलिए साइनसाइटिस की समस्या भी कान का इंफेक्शन बढ़ा सकती है. कान में इंसुलेटिंग फैट बहुत कम होता है, इसलिए यह ठंड को जल्दी पकड़ लेते हैं. तेज ठंडी हवा कान के दर्द और सूजन को बढ़ा सकती है, जिससे इंफेक्शन का जोखिम और ज्यादा बढ़ जाता है।
ठंड में ज्यादा देर बाहर रहने से बढ़ सकता है बहरापन का खतरा
अगर आप बिना सुरक्षा के ठंड में ज्यादा समय बिताते हैं, तो इससे कान की सेहत पर बड़ा असर पड़ सकता है. लंबे समय तक ठंड लगने पर कान में Exostosis नामक समस्या हो सकती है, जिसमें कान के अंदर हड्डी जैसी वृद्धि होने लगती है. इससे कान की नलिका संकरी हो जाती है और पानी, Ear Wax और गंदगी बाहर नहीं निकल पाती. परिणामस्वरूप कान में इन्फेक्शन, दर्द और यहां तक कि सुनाई देने में कमी की समस्या भी हो सकती है. इसलिए सर्दियों में कानों को ठंड से बचाना बेहद जरूरी है।
कान के संक्रमण के लक्षण – ध्यान दें वरना बढ़ सकती है परेशानी
कान में इंफेक्शन होने पर कई तरह के लक्षण नजर आते हैं, जैसे- कान में तेज दर्द या लगातार हल्की टीस, सिरदर्द, कान के अंदर सूजन, चक्कर आना, कान से पानी जैसा रिसाव, गंभीर मामलों में सुनने में कमी या आवाजें गूंजने लगना. अगर ये लक्षण लंबे समय तक बने रहें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
सर्दियों में Ear Infection से कैसे बचें? अपनाएं ये आसान टिप्स
सर्दियों में कानों को सुरक्षित रखने के लिए कुछ बेहद आसान लेकिन जरूरी सावधानियां अपनानी चाहिए-
ठंड में कानों को ढककर रखें
जब भी बाहर जाएं, ईयर मफ, टोपी या हेडबैंड पहनकर कानों को गर्म रखें. इससे ठंड सीधे कानों में नहीं जाती।
नहाने के बाद कान जरूर सुखाएं
कानों में नमी रहने से बैक्टीरिया बढ़ते हैं। इसलिए नहाने के बाद कानों को अच्छी तरह साफ और सुखा लें।
कॉटन बड्स से कान साफ न करें
कॉटन बड्स कान के अंदरूनी हिस्से को नुकसान पहुंचा सकते हैं और सूजन बढ़ा सकते हैं, साथ ही कानों में रुई लगाना भी ठीक नहीं है, यह नमी को फंसा देता है।
एलर्जी से बचें
एलर्जी होने पर यूस्टेशियन ट्यूब जाम हो सकती है, जिससे कान में दबाव बढ़ जाता है और इंफेक्शन का खतरा बढ़ता है।
सर्दी-जुकाम वाले लोगों से दूरी रखें
फ्लू या खांसी वाले लोगों के संपर्क में आने पर हाथ धोएं और आंख, नाक, कान छूने से बचें।
धूम्रपान से बचें
स्मोकिंग भी कान के इंफेक्शन और जलन का कारण बन सकती है।
निष्कर्ष
सर्दियों में Ear Infection का खतरा काफी बढ़ जाता है, लेकिन थोड़ी सी सावधानी आपको इस दर्दनाक समस्या से बचा सकती है. ठंड में कानों को ढका रखें, नमी से बचें, कॉटन बड्स न इस्तेमाल करें और सर्दी-जुकाम से दूरी बनाए रखें. यदि किसी कारण संक्रमण हो जाए या दर्द बढ़ने लगे, तो तुरंत डॉक्टर की सलाह लें।
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