Periods Cramps: पीरियड्स के दौरान होने वाला दर्द और ऐंठन (Menstrual Cramps) लगभग हर महिला की ज़िंदगी का हिस्सा है। पीएमएस (PMS) और मासिक धर्म के दिनों में पेट, कमर और जांघों तक फैलने वाला दर्द कई बार इतना तेज़ हो जाता है कि रोज़मर्रा के काम करना भी मुश्किल लगने लगता है। आंकड़ों की मानें तो करीब 90 प्रतिशत महिलाएं अपने पीरियड्स से पहले या उसके दौरान किसी न किसी तरह के दर्द, ऐंठन, भारीपन या थकान का अनुभव करती हैं। कुछ महिलाओं के लिए यह दर्द हल्का होता है, लेकिन कई मामलों में स्थिति इतनी गंभीर हो जाती है कि दर्द से राहत पाने के लिए उन्हें ओवर-द-काउंटर पेनकिलर तक लेनी पड़ती है।
हालांकि, हर बार दवाओं पर निर्भर रहना सही नहीं माना जाता। अच्छी बात यह है कि पीरियड्स के दौरान होने वाले दर्द और ऐंठन को कम करने के लिए कुछ आसान घरेलू उपाय मौजूद हैं, जिन्हें अपनाकर आप बिना दवा के भी काफी हद तक राहत पा सकती हैं। आइए जानते हैं ऐसे ही असरदार उपाय, जो मासिक धर्म के दिनों को थोड़ा आसान बना सकते हैं।
हीट पैच का इस्तेमाल करें
पीरियड्स में दर्द से राहत पाने का सबसे पुराना और भरोसेमंद तरीका है गर्माहट। पेट के निचले हिस्से पर हीट पैच या गर्म पानी की बोतल रखने से गर्भाशय की मांसपेशियों को आराम मिलता है। दरअसल, इन्हीं मांसपेशियों के सिकुड़ने की वजह से पीरियड्स में ऐंठन होती है। गर्माहट से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और दर्द धीरे-धीरे कम होने लगता है। लगभग 90 प्रतिशत महिलाएं मानती हैं कि इस दौरान गर्म पानी की बोतल किसी दवा की तरह काम करती है।
योग करें
अगर आप पीरियड्स के दर्द से लंबे समय तक राहत चाहती हैं, तो योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करना फायदेमंद हो सकता है। नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, योग एरोबिक एक्सरसाइज की तरह ही पीरियड्स की ऐंठन को कम करने में मदद करता है। इस स्टडी में पाया गया कि जिन महिलाओं ने 12 हफ्तों तक हफ्ते में एक बार 60 मिनट की योग क्लास ली, उन्हें मासिक धर्म के दर्द में स्पष्ट कमी महसूस हुई। भुजंगासन, बालासन और कैट-काउ पोज जैसे आसान योगासन पीरियड्स के दौरान विशेष रूप से लाभकारी माने जाते हैं।
सीबीडी का उपयोग
कुछ महिलाओं को मासिक धर्म की ऐंठन में सीबीडी (CBD) का उपयोग भी फायदेमंद लगता है। सीबीडी सूजन को कम करने और पुराने दर्द से राहत दिलाने में सहायक माना जाता है। हालांकि, इसका इस्तेमाल करने से पहले किसी विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर होता है, ताकि सही मात्रा और तरीका अपनाया जा सके।
एक्यूप्रेशर की मदद लें
एक्यूप्रेशर एक नॉन-इनवेसिव तकनीक है, जिसमें शरीर के खास पॉइंट्स पर दबाव देकर दर्द से राहत पाई जाती है। यह तकनीक पीरियड्स के दौरान होने वाले पेट दर्द, कमर दर्द और ऐंठन को कम करने में मदद कर सकती है। सही पॉइंट्स पर हल्का दबाव देने से शरीर में रिलैक्सेशन महसूस होता है और दर्द धीरे-धीरे कम होने लगता है।
कैफीन और तले फूड्स से बनाएं दूरी
पीरियड्स के दौरान आप क्या खा रही हैं, इसका सीधा असर आपके दर्द पर पड़ता है। जामुन, मछली और एवोकैडो जैसे फूड्स सूजन को कम करने में मदद कर सकते हैं और दर्द से राहत दिला सकते हैं। वहीं दूसरी ओर, नमकीन, तले-भुने खाद्य पदार्थ, कैफीन और शराब का सेवन ऐंठन और दर्द को बढ़ा सकता है। इसलिए इन दिनों हल्का, पोषक और संतुलित आहार लेना ज्यादा फायदेमंद होता है।
इन्हें भी पढ़ें: Air Pollution Health Alert: सांस लेने में दिक्कत? ये है कारण

